Wednesday, September 23, 2009

संगीता पुरी जी के बहाने सबसे एक निवेदन....

सगीता पुरी जी के बहाने सभी से सादर निवेदन,

संगीता पुरी जी आपने मेरी टिपण्णी के जवाब में आपके ब्लॉग में टिपण्णी की

सी एम प्रसाद जी ,
कहीं आप मुझको ही तो प्रणाम नहीं कर रहें :)

आदरणीया,

संगीता पुरी जी सादर निवेदन,
मै न तो आपके बारे मै जानता हूँ, न प्रवीण जाखड़ जी के बारे में। आप दोनों का नाम तो प्रतीकात्मक रूप से उपयोग किया जायेगा। आप दोनों तो माद्यम बनने वाले है।


जिस विषय पर मैं लेख माला प्रवीण जाखड़ जी और चलाने वाला हूँ, मुझे लगता है आप और प्रवीण जाखड़ जी दोनों उस कार्य में मेरी ख़ुद मदद करेंगे, जो में करना चाहता हूँ।

इस लेख की हेडिंग में आपका नाम है, लेकिन मेरा मकसद आप दोनों की आलोचना करना नही होगा, इस बात पर आप यकीं कर सकतें है।

जिस विषय पर में लिखना चाह रहा था, उद्द्वेलित था, आंदोलित था, उस विषय को लिखने का माध्यम आप दोनों बनेगे, मेने कभी सोचा न था, मेने सोचा न था इतना जल्द में इस विषय के बार में लिखने का मन बना पाऊँगा।

मेरा सोभाग्य है की आप दोनों के बहाने से में अपनी बात अच्छी तरह से रखा पाउँगा, आप दोनों को इस बात के लियें धन्यवाद, में आप दोनों का आभारी रहूँगा...

आप से इतना निवेदन है, की आप मेरे बारे में कोई मत बनाने से पहले लेखमाला को पुरी पढें। जिस तरह में आप दोनों से किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित नही हूँ। ठीक उसी प्रकार आप भी मेरे बारें में बिना किसी पूर्वाग्रह के लेखमाला पड़ेंगे तो आपका अहसान रहेंगा...

जहांतक आपक कहना -सी एम प्रसाद जी , कहीं आप मुझको ही तो प्रणाम नहीं कर रहें :) तो इतना ही कहूँगा की प्रथम तो मेरे पास इतना समय नही रहता है, की में सीएम गिरी करुँमुझे तो कमेंट्स कराने का और ब्लॉग पड़ने का टाइम भी निकालना पड़ता हैमें हर ब्लॉग पर टिपण्णी नही कर पता हूँ, लेकिन कई बार कमेंट्स कराने से मेरा दिल मानता नही, तो दिमाग की नही दिल की बात सून टिपण्णी करता हूँइस बात से आप ख़ुद अंदाज लगा सकते है कि मई सीएम गिरी में, बन्दर बाट में अपना समय कैसे दूँगा ?

आपसे निवेदन है कि बिना किसी पूर्वाग्रह के मेरी लेख माला पढें, और आपको और जाखड जी को मेरा उद्देश्य उचित लगें तो सहयोग दे

आप कोई जवाब देना चाहतें है, तो उसकी कॉपी करे कमेन्ट मेरे ब्लॉग पर भी कर दिया करें, या लिंक बना दियां करेंएक बार किसी ब्लॉग पर कमेन्ट कराने के बाद मेरे लियें फ़िर से उस ब्लॉग पर उसी दिन उसी पोस्ट के लियें जन जिस पोस्ट पर टीप्पणी कि थी इत्तफाकन ही होता है... ये निवेदन जरूर स्वीकारे

आपके बहाने सबसे यही निवेदन हें
बिना किसी पूर्वाग्रह के मुझे पढें
धन्यवाद

3 comments:

संगीता पुरी said...

मैने जबाब सी एम प्रसाद जी को दिया था .. आपको नहीं !!

pankaj vyas said...

ha... haaa.. haa...


mai to samajha tha ki aapne mera nam CM PRASAD rakha diya...

chalo ye bhi accha hooa...

isi bahane sabako bata diya mene ki

BINA PURVAGRAHA ke pado...


aapka abhar

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

"आपसे निवेदन है कि बिना किसी पूर्वाग्रह के मेरी लेख माला पढें, और आपको और जाखड जी को मेरा उद्देश्य उचित लगें तो सहयोग दे।"

अवश्य जी!
आप लिखते रहें। हम पढ़ते रहेंगे।